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आईसीसी टी-20 : टीम इंडिया लगातार दूसरी बार बनी विश्व चैम्पियन

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Rajesh Kumar Singh
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आईसीसी टी-20 : टीम इंडिया लगातार दूसरी बार बनी विश्व चैम्पियन
न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी ट्रॉफी अपने नाम की
संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने बनाए 255 रन
 अहमदाबाद।  भारत ने रविवार को यहां न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। भारत इस तरह अपनी सरजमीं पर खिताब जीतने वाली और तीसरी टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बनी। भारत ने बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद संजू सैमसन (89 रन), अभिषेक शर्मा (52 रन) और ईशान किशन (54 रन) के अर्धशतकों से पांच विकेट पर 255 रन बनाए। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड की टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेटकर खिताब जीत लिया। जसप्रीत बुमराह ने चार और अक्षर पटेल ने तीन विकेट झटके जबकि हार्दिक पंड्या और वरुण चक्रवर्ती को एक विकेट मिला।

 भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड की टीम को 19 ओवर में 159 रन पर समेटकर खिताब पर किया कब्जा

भारतीय बल्लेबाजों ने रविवार को ऐसी शानदार बल्लेबाजी का ‘बुफे’ पेश किया कि उसमें से सर्वश्रेष्ठ चुनना मुश्किल हो गया। संजू सैमसन ने निडर अंदाज में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए 89 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने फॉर्म हासिल करते हुए 21 गेंदों में 52 रन जड़े जबकि भरोसेमंद ईशान किशन ने 54 रन बनाए।  न्यूजीलैंड द्वारा पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने के बाद भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने फाइनल के अनुरूप आक्रामक बल्लेबाजी की। तीनों ने लगभग बिना किसी जोखिम वाली पारी खेली और उनके बल्ले से निकला लगभग हर शॉट बेहतरीन साबित हुआ।
     पावरप्ले में ही मैच में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा दिखने लगा, जब सलामी बल्लेबाज सैमसन और शर्मा ने छह ओवर में बिना विकेट खोए 92 रन जोड़ दिए। यह टी20 में पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी रही। मैच के 10 ओवर तक भारत का स्कोर एक विकेट 127 रन था। 15 ओवर पूरे होने तक भारत एक विकेट पर 203 रन तक पहुंच चुका था और विशाल स्कोर की संभावना साफ दिख रही थी। भारत ने 20 ओवर में 255 रन बना लिए जो टी20 विश्व कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस दौरान शिवम दुबे ने भी आठ गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 26 रन की तेज पारी खेली।

सैमसन एक बार फिर 89 रन पर आउट हो गए, ठीक वैसे ही जैसे वह सेमीफाइनल में हुए थे। वह 16वें ओवर की पहली गेंद पर पवेलियन लौटे। इसी ओवर में किशन भी आउट हो गए और कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सैमसन ने 46 गेंद में 89 रन की पारी खेली जिसमें आठ छक्के और पांच चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट लगभग 194 रहा। इससे पहले शर्मा ने अपनी 21 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए।

शर्मा के आउट होने से पहले उन्होंने सैमसन के साथ 43 गेंदों में 98 रन की साझेदारी की। इसके बाद किशन क्रीज पर आए और उन्होंने सैमसन के साथ 48 गेंदों में 105 रन की साझेदारी की। सैमसन की बल्लेबाजी की आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह हर 3.5 गेंद में एक बाउंड्री लगा रहे थे। उन्होंने जिन गेंदों का सामना किया, उनमें से लगभग तीन-चौथाई गेंदें चौके या छक्के में बदलीं। उन्होंने थर्ड मैन, लांग लेग, स्क्वायर लेग, कवर और सीधे पिच के ऊपर से छक्के लगाए। उन्हें फर्क नहीं पड़ा कि गेंदबाज स्पिनर था (रचिन रविंद्र के खिलाफ तीन छक्के), तेज गेंदबाज था (लॉकी फर्ग्यूसन को तीन छक्के लगाए) या मध्यम गति का गेंदबाज (मैट हेनरी पर भी दो बार छक्के जड़े)। कुछ ही हफ्ते पहले तक टीम से बाहर चल रहे केरल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2026 टी20 विश्व कप में अपनी पिछली तीन पारियों से इतिहास में जगह बना ली है। सुपर आठ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की पारी के बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी ने उनकी प्रतिभा को साबित किया। न्यूजीलैंड के खिलाफ वही स्कोर बनाकर उन्होंने अपनी बादशाहत पर मुहर लगा दी।
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