राजनीति

14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने को झारखंड सरकार तैयार

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Rajesh Kumar Singh
3 मिनट पढ़ें 59 पठन
14वीं जेपीएससी पीटी और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द करने को झारखंड सरकार तैयार
विधानसभा मार्च के दौरान उमड़ा छात्रों का हुजूम।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी के लिए एजेंसी की भूमिका की जांच कराने की बात कही।

एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को विधानसभा में सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने के लिए तैयार है। टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं की जांच भी कराई जाएगी।  

गेरुआ पहनकर ढोंग करते हैं भाजपा के लोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था में सुधार के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता ली जाएगी। मुख्यमंत्री अपने भाषण के दौरान विपक्ष पर हमलावर रहे। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग गेरूआ पहनकर ढोंग तो करते ही हैं, अब इनकी पार्टी के लोग छात्र का चोला पहनकर राजनीतिक स्वार्थ साधने में लगे हैं। उन्होंने विपक्षियों पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

 परीक्षा एजेंसी ने झारखंड के युवाओं का नुकसान किया

मुख्यमंत्री हेमंत के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने लगातार नारेबाजी की और सदन में हंगामा जारी रखा। इस पर उन्होंने कहा कि ये लोग सदन की गरिमा को तार-तार करते हैं और भाषणों में लोकतंत्र को बचाने की बात करते हैं। सोरेन ने जेपीएससी की परीक्षा कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कंपनी उत्तर प्रदेश की है और बिहार से उसका जुड़ाव रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी एजेंसियों के जरिए झारखंड के युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

सरकार अपने फैसले पर आगे बढ़ती रहेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपना निर्णय ले लिया है। विपक्ष चाहे जितना हंगामा करे, सरकार अपने फैसलों पर आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं को लेकर संदेह और शिकायतें सामने आई हैं, उनकी जांच कराने में सरकार पीछे नहीं हटेगी। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े शैक्षणिक संस्थानों से तकनीकी और विशेषज्ञ सलाह ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण मे सोमवार को हुए विधानसभा घेराव का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस ने संयम का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा, लोकसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लागू रहते हैं। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के करीब तक पहुंचे। सोरेन ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग अलग-अलग रूप और पहचान के पीछे छिपकर युवाओं को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष जांच की प्रक्रिया को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान चाहती है। विपक्ष हंगामा करता रहे, सरकार अपना काम करती रहेगी। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने एक कविता के जरिए भाजपा के राजनीतिक पतन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “गिरने की अभी और संभावनाएं बाकी हैं” और यह गिरावट अभी शुरू हुई है।


भारी हंगामे के बीच झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित   

रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और झारखंड बंद के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। लगातार जारी शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसी हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर अपना भाषण दिया। लगातार हंगामे के कारण सदन का संचालन मुश्किल हो गया। अंततः विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।



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