मुजफ्फरपुर (दैनिक नव संदेश )। पुलिस ने नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। टेलीग्राम के जरिए अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने वाले इस गिरोह के काले कारनामे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल अबतक कुल पांच लोगो को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चूका है। यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के माध्यम से अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को फर्जी प्रश्नपत्र का झांसा देकर रुपए वसूलता था। नगर थाना और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पुलिस ने अबतक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि इस मामले के मुख्य आरोपी मनीष झा को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। यह जानकारी देते हुए एसएसपी काँतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बीते 2 जून को
मुजफ्फरपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट स्थित चॉकलेट फैक्ट्री के पास एक किराये के मकान में नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के जरिए बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जजुआर थाना क्षेत्र निवासी मनीष झा को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसके पास से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया । इसके बाद गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की गई।पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान नगर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार उर्फ मानव तथा सिकंदरपुर थाना क्षेत्र निवासी हर्ष कनोडिया के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों से संपर्क कर नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। इसके बदले विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती थी। ठगी से प्राप्त राशि मुख्य आरोपी मनीष झा तक पहुंचाई जाती थी, जिसके बाद उसे विभिन्न खातों में जमा कराया जाता था। इस मामले में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग लोगों से संपर्क कर उनके खातों में रकम जमा कराते थे, जिसे बाद में गिरोह के अन्य सदस्य निकाल लेते थे। पुलिस अब गिरोह के आपराधिक इतिहास और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
एसएसपी के अनुसार इस पूर्रे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ हीं साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह गिरोह नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर भी फर्जी पेपर बेचकर ठगी करता था।
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