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सूर्यघर योजना से बिहार के हर घर में 20 वर्षों तक मुफ्त बिजली : सम्राट

सहयोग शिविर में समस्याओं से संबंधित आवेदन का 30 दिनों के भीतर निष्पादन नहीं करने वाले पदाधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी किया जाएगा निलंबन पत्र

मोतीपुर के सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुनीं लोगो की समस्याएं, 288.16 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन औऱ शिलान्यास

फोटो 1 ( सहयोग शिविर के उद्घाटन के पश्चात मंच से जनता का अभिवादन करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।  

फोटो 2 ( लाभार्थियों को कल्याणकारी योजनाओं का चेक प्रदान करते मुख्यमंत्री।

फोटो 3 ( ग्रामीण महिला उद्यमी से बात करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

फोटो 4 ( सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।

मुजफ्फरपुर (नवसंदेश ब्यूरो)। मोतीपुर प्रखंड के गोसाईंपुर स्थित परसौनीनाथ पंचायत में मंगलवार को आयोजित “सहयोग शिविर” में पहुँचे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली। वही शिविर की सभी गतिविधियों का निरिक्षण करने के पश्चात मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में हमारी सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से बिहार के हर एक घर में 20 वर्षो तक मुफ्त बिजली कि सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सहयोग शिविर इसी उद्देश्य को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने जनत से स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब आपकी समस्याओ का समाधान सहयोग शिविर के माध्यम से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियो पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदाधिकारियों को संसस्याओ के निष्पादन के लिए 10 दिनों का समय दे दिया गया है। दस दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं करने वाले संबंधित पदाधिकारी से मुख्यमंत्री कार्यालय से पहला नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। 20वें दिन उनसे कार्य प्रगति क़ी रिपोर्ट के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद 26वें दिन समस्याओं के निष्पादन क़ी फाइनल रिपोर्ट नहीं मिलने क़ी स्थित में उस पदाधिकारी के पास मुख्यमंत्री द्वारा सीधे उनका निलंबन पत्र भेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा क़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित औऱ समृद्ध भारत बनाने तथा पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने विकसित बिहार बनाने का जो संकल्प लिया है, हमें उन दोनों नेताओ के संकल्प को पूरा करना है। लेकिन बिहार में कुछ ऐसे लोग है जो बिहार को अपने कानून से चलाने का प्रयास कर रहे है। बेटा को अलग से सुरक्षा चाहिए, मां को अलग सुरक्षा चाहिए और बाप को अलग सुरक्षा चाहिए। अब यह नहीं चलेगा। बिहार संविधान के अनुसार चलेगा।

यहां मां को अलग घर चाहिए और बेटा को अलग... यह अब नहीं चलेगा : सम्राट

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास को लेकर बिहार में गरमाई सियासत पर बोले सीएम, हर हाल में खाली करना होगा घर

मुजफ्फरपुर (नवसंदेश ब्यूरो)। पूर्व मुख्यमंत्री का सरकारी आवास खाली करने को लेकर बिहार में चल रही सियासत पर बिना किसी का नाम लिए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर हमलावर होते हूए कहा कि यहां मां को अलग घर चाहिए और बेटा को अलग घर चाहिए, यह नहीं चलेगा। मुजफ्फरपुर में सभा के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं है। सरकारी घर में कौन रहेगा, यह जनता तय करती है। सरकारी घर किसी कि जागीर नहीं है। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर मचे घमासान पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि हर हाल में घर खाली करना होगा, कोई माई का लाल नहीं है जो सरकारी घर खाली नहीं करेगा। नीतीश कुमार जी ने सीएम पद छोड़ने के 16वें दिन ही अपना घर छोड़कर दूसरे घर में शिफ्ट हो गए। लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मेरा घर कैसे खाली हो जाएगा, तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि उनका घर पक्का खाली होगा। धरती पर इसे कोई नहीं रोक सकता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व उन्हें बताएगा कि उनकी जिम्मेदारी समाप्त हो गई है, वे 25 घंटे के भीचर सरकारी आवास खाली कर अपने निजी घर में चले जाएंगे। लोगों को आजकर चिंता है कि मेरा घर कितना बड़ा है. मैं तो 27 साल से सदन आ रहा हूं। कभी बाहर बैठता हूं, कभी अंदर बैठता हूं। मुझे सरकारी घर का मोह नहीं है। लेकिन जिन्हे सरकारी घर से मोह है और लगता है कि यह सरकारी घर उनकी जागीर है तो उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि बिहार कि जनता मालिक है। जनता जिसको चाहेगी, वहीं मुख्यमंत्री आवास में रहेगा।


सभा में अपने संबोधन के दौरान हरे गमछे का जिक्र करते हूए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरा रंग तो शान्ति का प्रतीक है, लेकिन हरा रंग का गमछा गले में लपेटकर कुछ लोग गुंडागर्दी करना चाहते है तो उनलोगो के लिए यह चेतावनी है कि हरा गमछा गले में लपेटकर गुंडागर्दी करने वालों का स्थान सिर्फ जेल में है। हमारे लिए कोई मोह माया की चीज नहीं है। सहयोग शिविर में जिला के प्रभारी मंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकार उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। साथ ही कई लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए।
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हेलीकॉप्टर के परसौनीनाथ पंचायत स्थित हेलीपैड पर पहुंचने पर जिले के जन प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। बाबा गरीबनाथ की धरती पर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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