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आईएमए ने किया डॉक्टर द्वय से भयादोहन की निंदा, मामले की निष्पक्ष जांच कराने की हुई मांग

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Rajesh Kumar Singh
2 मिनट पढ़ें 159 पठन
आईएमए ने किया डॉक्टर द्वय से भयादोहन की निंदा, मामले की निष्पक्ष जांच कराने की हुई मांग
चिकित्सकों ने कहा कि टंकक भूल को इलाज की लापरवाही कहना कहीं से भी सही नहीं

दरभंगा। शनिवार संध्या डॉ हरी दामोदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित आई एम ए, दरभंगा की बैठक मे डॉ सुप्रिया नारायण एवं डॉ सूर्य नारायण के निजी अस्पताल में एक मरीज के परिजनों के साथ कुछ तथाकथित मीडिया कर्मियों द्वारा अस्पताल के कार्य में बाधा पहुंचाने और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने एवं डॉक्टर द्वय से भयादोहन की निंदा की गई एवं संबंधित पदाधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग की गई। मीटिंग में उपस्थित चिकित्सकों ने डॉक्टरों और प्राइवेट अस्पतालों पर आक्रमण एवं कथित पत्रकारों के बढ़ते भयादोहन के मामलों का संबंधित अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया। उन्होंने मांग की कि वर्तमान मामले में दोषियों के विरुद्ध न्याय संगत कार्रवाई करते हुए पीड़ित डॉक्टर दंपति को सुरक्षा प्रदान की जाए जिससे ऐसे लोगों का मनोबल नहीं बढे और चिकित्सक मनोयोग से रोगियों की सेवा कर सकें। बैठक में एक प्रतिनिधि मंडल का गठन किया गया जो आई एम ए के भावनाओं से जिलाधिकारी, वरीए पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को ज्ञापन देकर अवगत कराएगा।बैठक में पूर्व अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार, सचिव डॉ अमिताभ सिन्हा, कोषाध्यक्ष डॉ रबिन्द्र कुमार सहित तीन दर्जन से अधिक चिकित्सक सम्मिलित थेइस पूरे प्रकरण में जो चौंकाने वाले तथ्य हैं उनमें से एक पत्रकार ने डॉक्टर सुप्रिया को जो अपना एक राष्ट्रीय स्तर के अखबार का विजिटिंग कार्ड दिखाया, वह पुराना था। मरीज के परिजन के साथ कथित पत्रकारों के समूह का पहुंचने के नीयत पर संदेह पैदा करता है। जिस अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर कारवाई हुई है किसी को अगर रिपोर्ट से नुकसान नहीं पहुंचा तो मामला कैसे ट्रायल के लायक हो गया? टंकण की चूक मानवीय चूक हो सकती है इलाज की लापरवाही नहीं है ।

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